प्लैनेट लैब्स द्वारा उपग्रह छवियों के विश्लेषण पर आधारित एक प्रारंभिक अध्ययन से पता चलता है कि नेपाल-चीन सीमा के पास हिम-चट्टान भूस्खलन के बाद लेंडे नदी में हिमनद-युक्त बाढ़ आई थी।
रसुवागढ़ी चौराहे पर भूस्खलन
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, बर्फ और चट्टान का भूस्खलन नेपाल-चीन रसुवागढ़ी सीमा चौकी से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हुआ।
Planet Labs को स्याटेलाइट तस्बिरको विश्लेषणका आधारमा गरिएको प्रारम्भिक अध्ययनबाट नेपाल-चीन रसुवागढी नाकाबाट करिब २० किलोमिटर उत्तरपूर्व नेपाल-चीन सिमानामा गएको हिम-चट्टान पहिरोका कारण ल्हेन्दे खोलामा गेग्य्रानसहितको बाढी आएको देखिएको छ। pic.twitter.com/kCAo9O1Zb0
— NDRRMA (@NDRRMA_Nepal) August 26, 2026
प्रारंभिक निष्कर्ष प्लैनेट लैब्स द्वारा उपग्रह छवियों के विश्लेषण पर आधारित हैं।
लेंडे नदी में बाढ़
उपग्रह छवियों के विश्लेषण से पता चलता है कि भूस्खलन के कारण लेंडे नदी में हिमनद-युक्त बाढ़ आई।
एनडीआरआरएमए ने घटना के संबंध में प्रारंभिक आकलन साझा किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बलेंद्र शाह से बात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात की और पड़ोसी देश के कई जिलों को प्रभावित करने वाली विनाशकारी बाढ़ में हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया।
मोदी ने कहा कि भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और व्यापक विनाश के बीच बचाव और राहत अभियान जारी रहने के दौरान हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है।
