जावगल श्रीनाथ मेट्रो :भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ की बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो में यात्रा करते हुए ली गई तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। जावगल श्रीनाथ एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार क्रिकेट की वजह से नहीं। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज की बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो में सफर करते हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, जिसने एक सामान्य सी दिखने वाली यात्रा को भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। तस्वीर में श्रीनाथ ट्रेन के अंदर एक ट्रॉली बैग लिए खड़े हैं, उन्होंने कैजुअल कपड़े पहने हैं और अपने साथी यात्रियों के साथ सफर कर रहे हैं। अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान श्रीनाथ को ‘मैसूर एक्सप्रेस’ का उपनाम मिला, जिसमें वे भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में से एक बन गए।
पूर्व भारतीय स्टार को आम यात्रियों के बीच देखा गया
एक कौने में खड़ा ये आदमी पता हैं कौन हैं ?
ये हैं Javagal Srinath
पूर्व भारतीय क्रिकेटरODI में 315 विकेट
Test में 236 विकेटभारत के लिए 4 विश्व कप खेले, सबसे ज्यादा 44 विकेट लेने का रिकॉर्ड इनके नाम हैं
अब इन्हीं Javagal Srinath को बंगलुरू की Namma Metro में चुपचाप एक कौने… pic.twitter.com/0XgQu0jETG
— Soniya Deshwal (@ImSoniya24) August 29, 2026
इस तस्वीर में श्रीनाथ मेट्रो के अंदर अपना सामान लिए खड़े नजर आ रहे हैं।
उनके साथ कोई भी प्रत्यक्ष दल नहीं दिखाई दे रहा है, जिससे यह क्षण उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान के परिवेश से बिल्कुल अलग प्रतीत होता है।
इस तस्वीर पर ऑनलाइन अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ प्रशंसकों ने श्रीनाथ की सादगी की सराहना की है, जबकि अन्य ने यह सवाल उठाया है कि क्या ट्रेन में मौजूद किसी ने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज को पहचाना था।
कर्नाटक में जन्मे इस तेज गेंदबाज ने भारत के लिए 67 टेस्ट और 229 वनडे मैच खेले और 1990 के दशक और 2000 के दशक के शुरुआती वर्षों में राष्ट्रीय टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण का एक प्रमुख हिस्सा थे।
श्रीनाथ ने 2003 में आईसीसी विश्व कप के फाइनल में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। दुर्भाग्य से सौरव गांगुली की अगुवाई वाली टीम वह मैच हार गई थी।
मेट्रो की तस्वीर ने लोगों की दिलचस्पी क्यों जगाई?
कई प्रशंसकों के लिए, इस तस्वीर का आकर्षण इसकी सादगी में ही निहित है। श्रीनाथ की चर्चा अब किसी यादगार दौर या अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के कारण नहीं हो रही है।
इसके बजाय, बेंगलुरु के माध्यम से एक रोजमर्रा की यात्रा ने समर्थकों को पूर्व क्रिकेटर की पारंपरिक खेल जगत की चकाचौंध से दूर की एक झलक दी है।
इसके अलावा, श्रीनाथ के खेल से संन्यास लेने के बाद भी क्रिकेट से उनका संबंध समाप्त नहीं हुआ। बाद में उन्होंने रेफरी के रूप में काम करना शुरू किया और आईसीसी के मैच रेफरी पैनल में शामिल होकर हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अपनी भूमिका निभाते रहे।
इससे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का उनका निर्णय और भी अधिक उल्लेखनीय हो जाता है, जिससे प्रशंसकों को पूर्व भारतीय स्टार को चकाचौंध से दूर देखने का मौका मिलता है।
