नेपाल के रसुवा में उग्र बाढ़ के पानी के कहर का भयावह वीडियो सामने आया है।

नेपाल के रसुवा में उग्र बाढ़ के पानी के कहर का भयावह वीडियो सामने आया है।

नेपाल के बाढ़ प्रभावित रसुवा से एक भयावह वीडियो सामने आया है जिसमें पुल के नीचे से उफनती हुई नदी आपदा की भयावहता को दर्शाती है। कभी शांत रहने वाली नदी अब कीचड़ भरे पानी की एक शक्तिशाली दीवार में तब्दील हो गई है, जो मलबे को भयानक गति से बहाकर ले जा रही है। बाढ़ का पैमाना चौंकाने वाला है, जिसमें सड़कें, वाहन, पुल और इमारतें बह गई हैं।

इस फुटेज में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही की भयावह झलक मिलती है, जिसने रासुवा और आसपास के इलाकों को तबाह कर दिया है।

‘विनाश का पैमाना अकल्पनीय है’

भयावह दृश्यों में नदी के मार्ग से पानी असाधारण गति से बहता हुआ दिखाई देता है, जो बाढ़ के पानी की अपार शक्ति को रेखांकित करता है।

आईसीआईएमओडी में क्रायोस्फीयर एक्शन एरिया के वरिष्ठ हस्तक्षेप प्रबंधक और आईआईटी इंदौर में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. फारूक आज़म ने कहा कि एक भूकंप ने हिमालय की एक खड़ी ढलान पर बर्फ और चट्टानों को अस्थिर कर दिया होगा, जिससे भीषण बाढ़ आ गई।

आज़म ने कहा, “हमें एक ऐसे भूकंप की आशंका है जिसने ग्लेशियर की बर्फीली चट्टान को अस्थिर कर दिया है।” उन्होंने बताया कि संभवतः ढलान से कुछ पदार्थ नीचे आ गए होंगे और इसी के कारण पानी का इतना तेज़ बहाव उत्पन्न हुआ होगा।

विशेषज्ञ ने संभावित घटनाक्रम की तुलना उत्तराखंड की चमोली आपदा से की, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि सटीक कारण की जांच अभी जारी है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जलवायु परिवर्तन से जुड़े दीर्घकालिक बदलावों के कारण हिमालयी ग्लेशियर पहले से ही नाजुक स्थिति में हैं।

नेपाल मदद की गुहार लगा रहा है

बाढ़ ने रसुवा और आसपास के इलाकों में व्यापक तबाही मचाई है। नेपाल के अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान शुरू कर दिए हैं, जबकि नदी के किनारों पर स्थित कई जिलों में हाई अलर्ट जारी है।

नेपाल ने भारत और चीन दोनों से सहायता मांगी है, और विदेश मंत्रालय राहत सहायता सुनिश्चित करने के प्रयासों का समन्वय कर रहा है। नेपाल-चीन सीमा के पास तिमुरे में तैनात सशस्त्र पुलिस बल के नौ जवान भी लापता बताए जा रहे हैं।

अधिकारी उन रिपोर्टों की जांच कर रहे हैं कि तिब्बती क्षेत्र में हुए भूस्खलन ने नदी को अस्थायी रूप से अवरुद्ध कर दिया था, जिसके बाद जमा हुआ पानी बह निकला और विनाशकारी बाढ़ आ गई।

इस आपदा ने पड़ोसी देश भारत में भी चिंता पैदा कर दी है। गंडक नदी में जल प्रवाह बढ़ने की संभावना के मद्देनजर बिहार के छह जिलों को अलर्ट पर रखा गया है।

Rohit Mishra

Rohit Mishra