क्या सावन के दौरान बाल या नाखून काटना अशुभ होता है? गरुड़ पुराण क्या कहता है?

क्या सावन के दौरान बाल या नाखून काटना अशुभ होता है? गरुड़ पुराण क्या कहता है?

कई श्रद्धालु धार्मिक मान्यताओं के कारण सावन के दौरान बाल, दाढ़ी और नाखून काटने से परहेज करते हैं। गरुड़ पुराण में विभिन्न दिनों के अलग-अलग परिणाम बताए गए हैं, साथ ही पारंपरिक प्रथाओं और मौसमी स्वास्थ्य संबंधी बातों का भी उल्लेख किया गया है। बुधवार और शुक्रवार को आमतौर पर सबसे शुभ दिन माना जाता है।

हिंदू धर्म में सावन (श्रावण) का महीना सबसे पवित्र माना जाता है और इस दौरान भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस पूरे महीने में भक्त उपवास रखते हैं, मंत्र जपते हैं और आध्यात्मिक साधनाओं का कड़ाई से पालन करते हैं। हालांकि, हर साल सावन के आगमन के साथ ही भक्तों के मन में एक बड़ा सवाल उठता है: क्या सावन के दौरान बाल, दाढ़ी और नाखून काटना वाकई गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है?
गरुड़ पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, गलत दिनों में ऐसा करने से जीवन में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

सावन में बाल और नाखून काटना क्यों मना है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना आत्मसंयम, शारीरिक शुद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा संचय का समय है। इस दौरान साज-सज्जा से संबंधित गतिविधियों से परहेज करने के कई धार्मिक और व्यावहारिक कारण हैं: पूजा-अर्चना का फल निष्फल हो जाता है: ऐसा माना जाता है कि यदि भक्त सावन के महीने में स्वच्छता के सख्त नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें अपने व्रत और अनुष्ठानों का पूरा पुण्य फल प्राप्त नहीं होता है।

ग्रहों के दोष और नकारात्मकता: ज्योतिषीय दृष्टि से, सावन माह में अनावश्यक रूप से बाल या नाखून काटना व्यक्ति के जीवन में नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को बढ़ाता है और ग्रहों के दोष उत्पन्न करता है। वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी दृष्टिकोण: बरसात के मौसम में हवा में नमी और जीवाणु अधिक होते हैं। प्राचीन काल में, नुकीले औजारों से कटने पर संक्रमण का खतरा अधिक होता था, इसलिए ऋषियों ने इस दौरान संयम बरतने का नियम बनाया था।

गरुड़ पुराण के अनुसार प्रत्येक दिन का क्या प्रभाव होता है?

गरुड़ पुराण और अन्य शास्त्रों में सप्ताह के प्रत्येक दिन बाल और नाखून काटने के अलग-अलग परिणामों का वर्णन है: सोमवार: सावन का सोमवार भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन बाल या नाखून काटने से मानसिक तनाव बढ़ता है और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। मंगलवार: इस दिन बाल या नाखून काटना अत्यंत अशुभ माना जाता है। इससे व्यक्ति की आयु कम हो जाती है और असमय मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। बुधवार: बाल और नाखून काटने के लिए बुधवार को सबसे शुभ दिन माना जाता है।

इससे घर में धन-संपत्ति और समृद्धि आती है तथा देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। गुरुवार: गुरुवार को यह कार्य करने से भगवान विष्णु क्रोधित हो जाते हैं, जिससे घर में दरिद्रता आती है और ज्ञान-बुद्धि का नाश होता है। शुक्रवार: शुक्रवार को भी यह कार्य शुभ माना जाता है। इससे जीवन में सुख, समृद्धि और सौंदर्य आता है। शनिवार: शनिवार को नाखून या बाल काटने से शनि देव का प्रकोप हो सकता है, जिससे कार्य में बाधा आ सकती है। रविवार: रविवार को यह कार्य करने से धन, मान-सम्मान और धर्म का नाश होता है।

इन तिथियों पर भी विशेष ध्यान दें।

गरुड़ पुराण के अनुसार, सावन माह में सोमवार, अमावस्या, पूर्णिमा और एकादशी को बाल या नाखून काटना सख्त मना है। यदि आवश्यक हो, तो यह सफाई कार्य केवल बुधवार या शुक्रवार को ही करें। सावन माह में इन नियमों का पालन करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और घर में शांति और सुख आता है। सावन 2026: क्या सावन माह में अपनी शादी का सपना देखना शुभ है या अशुभ? इसके पीछे के संकेतों को जानें।

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Rohit Mishra

Rohit Mishra